बुधवार, 9 अगस्त 2017

क्या बेटियों को भी याद रहता है ?

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छुट्टी का दिन था आज
लंच के बाद जमकर अलसाये सब
उठने के बाद उसने होमवर्क किया
बोर्नविटा धीरे धीरे पीते हुए
फिर माँ के मोबाइल को हथियाया
और खोल लिया फेवरेट यूट्यूब
वौइस् सर्च कर घंटों देखे उसने
पॉमपॉम, टॉम एंड जेरी, ब्रूस ली
और भालू-माशा के अनगिनत वीडियो

देखती रही तब तक, जब तक कि
मम्मी ने मोबाइल छीना नहीं हाथ से

सोने का फरमान सुन कर अब
वह आ गयी है तुरंत मेरे पास
उसे सुलाना केवल मेरा काम है
वह बस यही जानती मानती है

अधिकार जता फेंक दिया चश्मा
मेरे शरीर को बना अपना बिस्तरा
पाँच बरस की मेरी छुटकी सोना
अपना रोज का हुकुम सुनाती है
पापा मुझे जल्दी सुला दो ना

और मैं देने लगता हूँ उसे थपकियाँ
उसका दिमाग अब भी दौड़ रहा है
यूट्यूब वीडिओज़ की मायावी दुनिया में
फरमाइश होती है कुछ सुनाने की

पता है आज नहीं सोयेगी आसानी से
इसलिये नहीं सुनाता चिरपरिचित लोरियाँ
और थपकियों के साथ साथ शुरु होता है
उसका और मेरा पसंदीदा दिमागी खेल

सोना बहुत गंदी है
नहीं सोना बहुत अच्छी है
पापा की बात नहीं मानती
नहीं हमेशा मानती है

स्कूल का टिफिन नहीं खाती
नहीं रोज खाके आती है
होमवर्क गलत गलत करती है
नहीं एक्सीलेंट वाला करती है

क्लास में पीछे बैठती है
नहीं आगे बैठती है
हरी सब्जी नहीं ये खाती है
नहीं मैं तो सब्ज़ी खाती हूँ

पापा को किस्सी नहीं करती
नहीं रोज किस्सी करती है
कभी नहीं ये तो नहाती है
नहीं रोज मैं तो नहाती हूँ

डाँस क्लास ये तो जाती नहीं
नहीं मैं रोज रोज जाती हूँ

और थपकियाँ अनवरत चालू हैं
धीरे धीरे उसके जवाब मन्द होते हैं
आखिर आ जाती है वह स्थिति भी
नहीं उत्तर आता उस मासूम की ओर से

नींद के आगोश में चली गयी है बिटिया

अपने आप से बेहद संतुष्ट हूँ मैं
मेरा सबसे अहम काम जो है ये
मुझे तो इतना अच्छा लगता है यह
कि आपको तक बतला रहा हूँ यहाँ

अपनी स्मृतियों के खजाने में यह पिता
सहेजे रखेगा इन पलों को जीवन भर

पर क्या बेटियों को भी याद रहता है
कि किस तरह सुलाते थे उनको पिता ?

...

10 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन काकोरी कांड की 92वीं वर्षगांठ तथा अगस्त क्रांति की 75वीं वर्षगांठ - ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  2. दिनांक 15/08/2017 को...
    आप की रचना का लिंक होगा...
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी इस चर्चा में सादर आमंत्रित हैं...
    आप की प्रतीक्षा रहेगी...

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  3. हमेशा याद रहता है.....
    भावपूर्ण रचना..

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  4. बहुत सुन्दर ! लिखते रहिए शुभकामनायें आभार ,"एकलव्य"

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  5. कैसे नहीं याद रहता बेटियों को ? नम हो गई हैं आँखे इस सवाल से....

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  6. बेटियों को पिता खूब याद आते हैं,जिन पर वो माँ से ज्यादा हक अपना समझती हैं

    उत्तर देंहटाएं

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